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Shri Anandghanji M.
Published Articles
Paradhwani1 Oct 2019
श्री श्रेयांसजिन स्तवननिजस्वरूप जे किरिया साधे ते अध्यातम कहिये रे। जे किरिया करी चउ-गति साधे ते न अध्यातम कहिये रे।।
Paradhwani10 Jul 2019
क्या सोवे तन मठ में?आतमज्ञानी श्रमण कहावे, बीजा तो द्रव्यलगिीं रे; वस्तुगते जे वस्तु प्रकाशे, मआनंदघनफ मत संगी रे. – श्री वासुपूज्य जिन स्तवन જે આત્મજ્ઞાની છે, તે જ ખરેખર શ્રમણ કહેવાય, અન્ય નહીં.
Paradhwani10 Jul 2019
श्री वासुपूज्य जिन स्तवनअतमज्ञानी श्रमण कहावे, बीजा तो द्रव्यलिंगी रे; वस्तुगते जे वस्तु प्रकाशे, ‘अानंदघन’ मत संगी रे. – श्री वासुपूज्य जिन स्तवन જે આત્મજ્ઞાની છે, તે જ ખરેખર શ્રમણ કહેવાય, અન્ય નહીં.
